/> ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस को लेकर राजनितिक तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है. टूलकिट केस में पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ़्तारी के बाद जहाँ सरकार और बीजेपी दिल्ली पुलिस की पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्ष इस मामलेमें अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमले का हवाला देते हुए इसे कायराना हरकत बता रहा है. कांग्रेस, सपा, राजद, एनसीपी आदि दल दिशा रवि की उम्र का हवाला देते हुए गिरफ़्तारी को गलत मान रहे हैं तो सरकार और बीजेपी कसाब और बुरहान बानी की उम्र की दुहाई देकर गिरफ़्तारी को जायज़ ठहरा रही है. विपक्ष की ओर से राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने सरकार पर करारा वार किया है. उधर, दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दिशा रवि, निकिता जैकब और शांतनु ने खालिस्तानी मूवमेंट की और से की गई ज़ूम मीटिंग में हिस्सा लिया था और दिशा रवि ने टूलकट को एडिट भी किया था. शांतनु और निकिता जैकब को कोर्ट से तात्कालिक राहत मिल गई है. उधर, कानून अपना काम कर रहा है, वही सरकार और विपक्ष में तलवारें खिंच गई हैं. विपक्ष का कहना है कि दिशा रवि ने केवल टूलकिट को एडिट किया था और इस बिना पर उसे गिरफ्तार कर सरकार ने फासीवादी होने का परिचय द...