इस समय पूरा देश राममय हो गया है. राम भक्ति में सराबोर देशवासियों ने मात्र 72 घंटों में 246 करोड़ रुपये दान के रूप में दिया है. छोटा हो गया बड़ा, इस दान के कार्य में अधिकांश देशवासी अपना योगदान दे रहा है. राम मंदिर के लिए हर घंटे 3.41 करोड़ रुपये जमा हो रहे हैं. अगर इसे मिनट में बांटे तो एक मिनट में 57 लाख रुपये जमा हो रहे हैं.
42 दिन तक चंदा इकट्ठा करने का काम. चलेगा और इसकी रकम एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा की जा रही है. बैंकों के कुल 46000 ब्रांचों से पूरे देश को कवर किया जाएगा.
15 से 31 जनवरी तक रशीद काटकर चंदा जुटाया जाएगा. एक से 27 फरवरी तक कूपन के जरिए चंदा जुटाया जाएगा.
चंदे के लिए 10, 100 और 1000 रुपये के कूपन जारी किए जाएंगे. 100 रुपये के 8 करोड़ कूपन छापे जाएंगे तो 10 रुपये के 4 करोड़ और 1000 रुपये के चंदे के लिए 12 लाख कूपन छापे जाएंगे.
विहिप और आरएसएस से जुड़े 40,00,000 कार्यकर्ताओं को दी गई है. इसके लिए 10 लाख टोली बनाई गई है, हर चार टोली पर एक कलेक्टर बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी बैंक में पैसा जमा कराने की होगी.
अब तक का सबसे बड़ा 11 करोड़ रुपये का चंदा गुजरात के गोविंद भाई ढोलकिया ने दिया है, जो अपने कर्मचारियों को अंधाधुंध बोनस देने के लिए जाने जाते हैं.
रायबरेली जिले के बैसवाड़ा के तेजगांव के पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने विहिप के उपाध्यक्ष एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय को 1,11,11,111 रुपए का चेक दिया.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान की शुरुआत हुई. राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण के लिए पांच लाख एक सौ रुपए का दान दिया. वहीं, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पत्नी ऊषा नायडू पहले ही मंदिर के निर्माण के लिए पूरे परिवार की ओर से 5,11,116 रुपये का योगदान दे चुकी हैं.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में योगदान के रूप में शुक्रवार को दो लाख रुपये की सहयोग राशि दी है.
उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने 1.21 लाख रुपये दान किए तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी 1.51 लाख रुपये का योगदान दिया.
इनके अलावा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, उत्तर प्रदेश और झारखंड के राज्यपालों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिए.

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