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मई 28, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गर्व करते रहिए कि हम बिहारी हैं

बिहार का होना आपकी नियति है और पलायन आपकी मजबूरी फिर भी इतिहास के पन्नों के आधार पर गर्व करते रहिए कि आप बिहारी हैं। और कर भी क्या सकते हैं। एक इतिहास ही तो है गर्व करने लायक। वर्तमान की दशा किसी से छुपी नहीं है और भविष्य के बारे में क्या कहने। बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट का मौसम है। हर राज्य में छात्रों के अंकपत्र में नंबरों की बाढ़ सी आ गई लगती है और बिहार के छात्रों में इस समय मातमी सन्नाटा पसरा है। घरों के चिराग रोशन होने से पहले बुझ से गए प्रतीत हो रहे हैं। फिर भी आप गर्व करते रहिए कि आप बिहारी हैं और इतिहास में तथागत तुलसी जैसे विद्वान भी उस धरती पर पैदा हुए हैं। ऐसा नहीं है कि पहली बार बिहार बोर्ड का रिजल्ट का स्तर इतना गिरा है। 1996 का इम्तेहान कौन भूल सकता है, जब केवल 19% छात्र ही मै-ट्रिक पास कर पाए थे पर तब इस तरह का सन्नाटा और आक्रोश नहीं पसरा था। तब लोगों में इस बात की आस बंधी थी कि अब पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और शिक्षा व्यवस्था को चार चांद लग जाएंगे, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश पर अभूतपूर्व सख्ती के बीच परीक्षा हुई थी। कुछ वर्षों तक परीक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार देखा ...