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जुलाई 17, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गाली, कबाली और मदारी

गाली, कबाली और मदारी। इत्‍तेफाक है कि ये तीनों एक साथ दृश्‍य हो रहे हैं। गाली का तो इतिहास पुराना है पर इस बार की गाली थोड़ी अलग है। गालियां पहले भी दी जाती रही हैं, अफसोस पहले भी जताई जाती रही है और माफी पहले भी मांगी जाती रही है पर इस बार की गाली चुनाव की चौखट पर दी गई है। इसलिए यह खास हो जाती है। यह गाली कुलीन वर्ग से निकलकर दलित वर्ग को निशाना बना गई है। प्रत्‍युत्‍तर में दलित वर्ग से निकली गाली कुलीन वर्ग को छलनी कर गई है। प्रख्‍यात विचारक हीगल ने द्वंद्वात्‍मक भौतिकवाद का सिद़धांत दिया था पर इस बार की गाली द्वंद्वात्‍मक समाजवाद का संदेश दे गई है। देखना होगा कि दोनों तरफ से निकली गालियां क्‍या गुल खिलाती हैं। ध्‍यान रहे, इसे गोली समझने की भूल न करें। गाली के बीच कबाली आ गई। करोड़ों दर्शक रजनीकांत के इस मूवी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। दर्शकों ने खूब सराहा। फिल्‍म में मलेशियाई लोकेशन की शूटिंग ने लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा रजनीकांत का स्‍टाइल दर्शकों को खूब भाया। इस बीच खबर आई कि फिल्‍म ऑनलाइन लीक हो गई है। इससे निर्माता और निर्देशक को करारा झटका लगा। हालांकि यह द...