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नवंबर 26, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक तरफ वोटों का सूखा तो दूसरी तरफ मतदान का सावन

ऐसा लग रहा था कि हम वोटों के सूखे वाले क्षेत्र से मतदान की बारिश वाले इलाके में पहुंच गए। एक तरफ बूथ वोटरों के लिए तरस रहे थे तो दसूरी तरफ बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन। शहर के कुछ बूथों का दौरा करने के बाद हम मिनी बाईपास होते हुए सीबीगंज, मथुरापुर और परसाखेड़ा की तरफ बढ़ रहे थे। रास्ते का एक-एक बूथ हमें शहर और देहात का अंतर समझा रहा था। मौसम भी मेहरबान था। ऐसा लग रहा था कि गुनगुनी धूप ठंड में दुबके लोगों को बाहर निकलकर वोट डालने के लिए उत्साहित कर रही है। मिनी बाईपास से गुजरते वक्त साफ नजर आ रहा था कि खांटी शहरी लोगों की अपेक्षा देहात के लोग कितने जागरूक होते हैं। इस रोड पर जहां कई किलोमीटर तक सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं जीके मांटेसरी स्कूल पर बने बूथ पर लगी भीड़ का कोलाहल उस सन्नाटे को खत्म कर रहा था। प्रत्याशियों के बस्ते पर जुटी भीड़ वोटर लिस्ट में खुद को तलाश रही थी। आगे हमें आईटीआई के पास बने बूथ के आसपास भी खासी भीड़ दिखी। रास्ते में जो भी बूथ मिले, वहां मतदाताओं की संख्या शहरी मतदाताओं को आईना दिखा रही थी। सीबीगंज, मथुरापुर और परसाखेड़ा होते हुए हम केंद्रीय मंत्री संतोष ...