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बेचारा आमिर खान

हमें नाज है आमिर खान पर। कितना रिस्क लेकर इंडिया में रह रहा है बेचारा। ऊपर से पत्नी की बात भी नहीं मानी। ये तो डबल रिस्क हो गया। इतना बड़ा स्टार और इतना बड़ा रिस्क। बेचारा क्या करे। पत्नी की मानेगा तो हीरोपंथी ख़त्म हो जायेगी। नहीं मानेगा तो गृहस्थी ख़त्म।
अब आप ही बताओ पत्नी की बात मानकर सीरिया, नाइजीरिया, अरब, इराक, ईरान, पाकिस्तान, तुर्की आदि देशों में जाकर क्या करेगा। फ्रांस पर हमले के बाद यूरोप में जो सहिष्णुता बढ़ी है उसके कारण यूरोप नहीं जा सकते। अमेरिका और कनाडा में तो इतनी सहिष्णुता है कि वहां अक्सर खान बंधुओं को नंगे होकर स्कैनर से गुजरना पड़ता है।
पत्नियां यही तो मौलिक और व्यवहारिक ज्ञान नहीं समझ पातीं। एक तो ऐसे ही इतना बड़ा रिस्क लेकर आदमी चल रहा है ऊपर से देश छोड़ने का टेंशन। राय देना बड़ा आसान है और उस पर अमल करना उतना ही मुश्किल। बेचारे की सभी पिक्चर इस समय 500 करोड़ के क्लब में शामिल होती चली जा रही हैं और किरण है कि देश छोड़ने की बात कर रही है। पत्नी को इतना भी जुल्म नहीं करना चाहिए।
हीरो है वो देश का। एक ढेला भी उस पर गिरा तो देश में असहिष्णुता फ़ैल जायेगी। और एक भी ढेला नहीं गिरा तब तो असहिष्णुता जरूर फैल जायेगी। इतना रिस्क ले रहा है। पता नहीं कितना रिस्क ले रहा है। पता नहीं किरण मानेगी या नहीं। एक आमिर है कि सरफ़रोश बना हुआ है और उधर किरण है कि मानती ही नहीं।

टिप्पणियाँ

  1. पति की मौजूदगी में भी जिस पत्नी को डर लगता हो वैसे

    ऐसे पति को तो नामर्द ही कहा जाना चाहिए,

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  2. बहुत सही ......पर आप लोग समझ नहीं रहे है। दंगल आने वाली है। ये आदमी अपनी फिल्मो के ख़ातिर किसी भी तरह चर्चा का केंद्र बिंदु बनकर मार्केटिंग करता है। ये महज मार्केटिंग स्टेटजी है। बाकी ई सुतिया है हि

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  3. बहुत सही ......पर आप लोग समझ नहीं रहे है। दंगल आने वाली है। ये आदमी अपनी फिल्मो के ख़ातिर किसी भी तरह चर्चा का केंद्र बिंदु बनकर मार्केटिंग करता है। ये महज मार्केटिंग स्टेटजी है। बाकी ई सुतिया है हि

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