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संदेश

सियाचिन के हनुमान

बेवफा हुआ सियाचिन का मौसम बर्फ की चादर कब्र बन गई कब्र से जिन्दा निकले हनुमंथप्पा दुनिया की आँखें फटी की फटी रह गईं देश ने दवा की, देशवासियों ने दुआ जान की भीख मांगने निकलीं माँ, बहन व बुआ कैसे बचते 'हनुमान' जब कुदरत ही बेवफा हो गए सियाचिन तो बचा लेंगे हम दुश्मन की छाती पर चढ़ लेंगे हम पा लेंगे विजय कोहराम मचाकर मगर राम से 'हनुमान' तो बेवफा हो गए जीवाश्म छोड़ चले 'हनुमान' भले ही पर बताओ कब 'हनुमान' मरे हैं 'हनुमान' अजर हैं, अमर हैं दिल में हैं 'हनुमान', मन में हैं 'हनुमान' बोलो जय जय जय हनुमान बोलो जय जय जय हनुमान रचयिता: सुनील मिश्र 'सुनील'

क्‍योंकि दलित शब्‍द बिकता है

div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"> देश भर में यह बहस चल पड़ी है कि रोहित वेमुला दलित था या नहीं। सत्तापक्ष कह रहा है कि वह दलित नहीं था और विपक्ष उसके दलित होने पर अपना वीटो लगा रहा है। चिंता की बात तो यह है कि सामाजिक चिंतक, विश्लेषक और पत्रकार भी इस बहस का हिस्सा बन गए हैं। इस देश में किसी की मौत सनसनी नहीं है। सनसनी है उसका दलित होना या न होना। रोहित की आत्महत्या के बाद तो हमें अपने सिस्टम की खामियों को दुरुस्त करने को लेकर बहस छेड़नी चाहिए थी पर अफसोस! हम तो अभी इस जाल में फंसे हैं कि दलित मरा या गैरदलित। कोई नहीं कह रहा कि एक छात्र मरा, एक इंसान मरा, एक मां का बेटा मरा या फिर एक बहन का भाई मरा। इंसान होना, एक छात्र होना, एक मां का बेटा होना, एक बहन का भाई होना किसी के लिए मायने नहीं रखता। मायने रखता है उसका दलित होना या न होना। क्‍योंकि दलित शब्‍द बिकता है। ये किस तरह की मातमपुरसी है? चलो राजनीति करनी है, अपनी जमीन मजबूत करनी है या तलाश करनी है या खोई जमीन हासिल करनी है तो शौक से करो लेकिन इतना मत गिर जाओ। विपक्षी नेताओं को दलित ...

राजनीति की रोटी

पिछले पोस्ट में आपने पढ़ा था कि दादरी का जवाब मालदा और पूर्णिया है तो पठानकोट का क्या? दादरी पर सरकार कठघरे में थी तो मालदा और पूर्णिया में विपक्ष। प्रधानमंत्री की पकिस्तान यात्रा के तुरं बाद रिटर्न गिफ्ट में मिली पठानकोट की घटना के बाद सरकार फिर कठघरे में थी। सरकार के लिए संक्रांति के समय अच्छी खबर पाकिस्तान से आई कि जैश के मुखिया को गिरफ्तार कर लिया गया है पर समय के साथ इस खबर की हवा निकल गई। सरकार अब तक कठघरे में थी ही कि एक और अशुभ समाचार ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोहित नाम के दलित छात्र ने आत्महत्या कर ली। राजनीतिज्ञों के लिए इस तरह की घटनाएं तो राजनीति चमकाने का जरिया होती हैं। हैदराबाद इस समय नेताओं के लिए हॉट केक बना हुआ है। मेरी राजनीति अच्छी है और तुम्हारी खराब की तर्ज़ पर एक नेता जा रहा है तो दूसरा आ रहा है। पठानकोट की घटना के बाद से अब तक सरकार कठघरे में है। सरकार के लिए नए साल में कोई खुशखबरी नहीं आई है। इसलिए सरकार अभी तक रक्षात्मक मुद्रा में ही है। हालाँकि दिखाने के लिए वह आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। जैसे ही पठानकोट, हैदरा...

क्‍या दादरी का जवाब है मालदा तो पठानकोट का क्‍या?

पठानकोट की दहशत, मालदा में उत्पात और पूर्णिया में उपद्रव के बाद क्या? दहशत का यह ‘कारवां’ क्या ऐसे ही थम जाएगा, कदापि नहीं। दहशत की दुकान ऐसे बंद नहीं होती। कुछ और शहर तय कर लिए गए होंगे। लिस्ट बहुत लंबी है। यह अलग बात है कि घटना होने के बाद ही हमें और आपको पता चलेगा। किस शहर का नाम आगे है और किसका पीछे, यह शहर के दुर्भाग्य पर निर्भर करता है। मन अशांत है, लोग शांत हैं। एके हंगल साहब होते तो पूछते- इतना सन्नाटा क्यों पसरा है भाई? अब वे नहीं हैं तो चलो मैं ही पूछ लेता हूं। कैसी विचाराग्नि है? घटना को चुन-चुनकर धधकती है। सोशल साइट पर पक्ष और विपक्ष है। तीसरा पक्ष गायब है। अजीब तरह का माहौल हो गया है। पठानकोट के समय मुंबई हमले की छुई-अनछुई बातों को बेपर्दा किया जा रहा है। मालदा की तुलना दादरी की घटना से हो रही है। फोटोशॉप का खूब प्रयोग हो रहा है और एकदम से विश्वास किया जाने वाला झूठ पैदा किया जा रहा है। आप समझ रहे हैं कि यह सतही और उच्छृंखल लोग ही कर रहे हैं लेकिन आप गलत हैं। बड़े लोग खासकर उच्च पदों पर आसीन वर्ग के लोग ऐसा कर रहे हैं। बड़े-बड़े पत्रकार इस पेशे में लग गए हैं। ऐसा सिर्फ एक...

लखनऊ मेट्रो में जॉब चाहते हैं तो......

लखनऊ मेट्रो में सैकड़ों रिक्तियां। आपको मिल सकता है मौका। ये अवसर हाथ से न जाने दें। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (LUCKNOW METRO RAIL CORPORATION - LMRC) ने स्टेशन कंट्रोलर/ ट्रेन ऑपरेटर, कस्टमर रिलेशन, असिस्टेँट, जूनियर इंजीनियर, ऑफिस असिस्टेँट, अकाउंट असिस्टेँट, मैँटेनर, असिस्टेँट मैनेजर फाइनेँस की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन की LAST Date - एक  फरवरी 2016 1. स्टेशन कंट्रोलर/ ट्रेन ऑपरेटर पद :  97 वेतनमान :  13500- 25520 रुपए शैक्षिक योग्यता :  इलेक्ट्रॉनिक्स/ इलेक्ट्रिकल में तीन साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा या फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ बीएससी 2. कस्टमर रिलेशन असिस्टेंट (CRA) पद  :  26 वेतनमान :  10170- 18500 रुपए शैक्षिक योग्यता :  किसी भी संकाय से ग्रैजुएट और कम्प्यूटर में सर्टिफिकेट 3. जूनियर इंजीनियर पद  :  70 वेतनमान :  13500-25520 रुपए शैक्षिक योग्यता :  इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रॉनिक्स/ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन/ मेकैनिकल/ सिविल ब्रांच या इसके समकक्ष तीन साल का इंजीनियरिंग में डिप्ल...

परदे के पीछे क्यों रह गया मालदा?

नए साल के पहले हफ्ते में ही हुईं दो बड़ी घटनाओं से देश दहल गया। एक तरफ पठानकोट एयरबेस पर आतंकियों ने हमला कर दिया तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के मालदा शहर में हज़ारों की भीड़ ने प्रदर्शन करने के बाद आतंक मचाना शुरू कर दिया। थाने में आग लगा दी गयी। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। जो सामने मिला उसे लतियाया जुतियाया गया। एक तरफ पठानकोट एयरबेस पर हमले को 24×7 कवरेज दिया जा रहा था। जो नहीं दिखाना चाहिए था वो भी दिखाया जा रहा था। जो नहीं बताना चाहिए वो भी बताया जा रहा था। दूसरी ओर मालदा की घटना से देश अनजान था क्योंकि मीडिया वाले उस घटना को पचा गए। उस खबर को पी गए। अब सवाल उठता है कि देश के लिए बड़ा खतरा कौन है? प्रतीकात्मक नजरिये से देखेंगे तो पठानकोट एयरबेस पर हमला बड़ा है लेकिन खतरे के नजरिये से देखें तो दोनों घटनाओं के चरित्र में कोई खास फर्क नहीं है। दोनों ही घटनाएं देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाली थीं। दोनों ही घटनाओं का उद्देश्य दहशत का खेल खेलना ही था। आतंकवाद की शिकायत तो पाकिस्तान, अमेरिका, चीन, रूस या यूएन से कर लेंगे लेकिन देश के अंदर जो धार्मिक ज्वार उमड़ रहा है, उसका क्य...

नववर्ष मंगलमय हो

नववर्ष मंगलमय हो नूतन हो, सृजन हो नवीन सोच हो, दर्शन हो सारी धरती और सारा आकाश हो नववर्ष मंगलमय हो जीवन में बहार हो जिंदगी लाजबाब हो उमंग हो, उत्साह हो सबका प्यार हो नववर्ष मंगलमय हो सबका प्यार मिले सबका दुलार मिले सब तुझे चाहें, तू सबको चाहे दुश्मन भी दोस्त हो जाए ऐसा तुझे संसार मिले नववर्ष मंगलमय हो वेदना नहीं, संवेदना हो दर्द नहीं, आनंद हो तड़प नहीं, प्रणय हो बिछुड़न नहीं, साथ मिले नववर्ष मंगलमय हो विछोह नहीं, संसर्ग हो त्याग हो, अर्पण हो तेरा तुझको मिले मेरा मुझको मिले नववर्ष मंगलमय हो गुरु आपको ज्ञान दें मित्र भी आपको सम्मान दें बच्चों को स्नेह मिले बड़ों का आशीष मिले नववर्ष मंगलमय हो मां लक्ष्मी आपको दौलत दे मां सरस्वती दे दे विद्या गणपति आपको बुद्धि दें मां दुर्गा बनाएं बलवती हर सुख से खुशहाल रहें नववर्ष मंगलमय हो सारी धरती और सारा आकाश हो नववर्ष मंगलमय हो