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क्या जमाना आ गया

क्या जमाना आ गया
अपने पराये हो गए।
और पराया अपना हो गया
क्या जमाना आ गया।।


अगस्त में ही लैंड वेस्ट हो गया
भगत सिंह आतंकवादी
और कन्हैया भगत सिंह हो गया
क्या जमाना आ गया।।

लोकतंत्र की हत्या की जिसने
वही लोकतंत्र बचाने सड़क पर आये
विपक्ष की कुर्सी सुहाती नहीं जिसे
सत्तापक्ष होश में आओ नारे लेकर आये
क्या जमाना आ गया।।

इटली में है मायका
पर मायके पर विश्वास नहीं
यहाँ मायके का कुत्ता भी अच्छा लागे
पर ये तो मायके वालों पर कीचड़ उछाल रहीं
क्या जमाना आ गया।।

बंगाल में वाम मध्य साथ में
केरल में एक दूसरे के खिलाफ में
संसद, जेएनयू में एक दूसरे की गोद में
और जंतर मंतर पर विरोध में
क्या जमाना आ गया।।

चारा चोर के साथ सब मिल बैठ गए
मिनी पाकिस्तान बताने वाले नेता हो गए
शराब पर लिखकर हरिवंश जी बच्चन हो गए
और शराब बंद कर नीतीश कुमार जननेता हो गए
क्या जमाना आ गया।।

तब चारा ही घोटाला था
वाटरगेट भी बौना था
जब से आया 2जी, कोयला
घोटालों का सरदार बन गया
क्या जमाना आ गया।।

आप वाले चले सिस्टम सुधारने
जो खुद भी ना कभी सुधरे थे
सत्ता पाते ही सब आम से खास जरूर बन गए
सर्वाधिक सैलरी का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना गए
ऑटो से लेकर दिहाड़ी तक बाप बाप करते रह गए
क्या जमाना आ गया।।

पीके गुरु के भरोसे यूपी में आई कांग्रेस
गांधी परिवार से की यही गुहार
मुख्यमंत्री बनें राहुल या प्रियंका
तभी हो पायेगा पार्टी का बेड़ा पार
क्या जमाना आ गया।।

मानवी जंगल में घुस गए
तेंदुआ, बाघ मैदान में आ गए
नदी, नाले पक्के हो गए
और पहाड़ पर प्रलय आ गया
क्या जमाना आ गया।।


----अनादि कवि सुनील

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